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मोतियाबिंद लेंस के प्रकार | मोतियाबिंद लेंस की कीमत

आँखे शरीर का बहुत ही खास अंग होती हैं। यह शरीर का एक ऐसा अंग है जिसके बिना जीवन जीना बहुत ही कठिन होता है। जैसा की आपको पता ही है कि आंखें बहुत ही कोमल और नाजुक होती हैं।

तो जरा सी लापरवाही से आंखों में परेशानियां हो सकती हैं या जरा सी लापरवाही भी आंखों में परेशानियों का कारण बन सकती है। इसलिए ही आँखों के डॉक्टर द्वारा,  हमेशा ही आंखों को चोट लगने या किसी प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए हमें सलाह दी जाती है। आंखों में होने वाली बीमारियों में मोतियाबिंद बहुत ही आम बीमारी है। यह बीमारी आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ-साथ मतलब कि बुढ़ापे के कारण होती है, लेकिन आंखों में चोट लगने या किसी और समस्या के कारण भी यह बीमारी हो सकती है और यह किसी भी उम्र में हो सकती है।

आमतौर पर मोतियाबिंद का बेस्ट इलाज मोतियाबिंद की सर्जरी है।  तो मोतियाबिंद से पीड़ित मरीज को अपने दैनिक जीवन में रोजमर्रा के कामों को करने में बहुत सी परेशानियां होती हैं। इस बीमारी के कारण यानि कि मोतियाबिंद के कारण आंख की लेंस धुंधली हो जाती है जिसकी वजह से मरीज चीजों को साफ तौर पर नहीं देख सकता और उसकी दृष्टि धुंधली हो जाती है। इस कारण से उसे स्पष्ट दिखाई नहीं देता लेकिन मोतियाबिंद की सर्जरी से इस समस्या को दूर किया जा सकता है।

मोतियाबिंद की सर्जरी के दौरान आंख के लेंस को बाहर निकाल कर उसकी जगह एक आर्टिफिशियल लेंस लगा दिया जाता हैं जिससे कि मरीज आंखों से स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।

बिना आँखों के रंगीन दुनिया को देखना मुश्किल है लेकिन अगर आंखों में किसी तरह की समस्या हो जाती है तो यह दुनिया बेरंग सी हमें लगती है। इसलिए आंखों को सुरक्षित रखना बहुत ही जरूरी है यह बहुत आंखें बहुत ही कोमल होती हैं और इनके प्रति जरा सी लापरवाही कई बीमारियों का कारण बन सकती है। आंखों में कई तरह की समस्याएं होती हैं जिसमें से मोतियाबिंद एक सबसे मुख्य बीमारी है यह कैसी बीमारी है जो उम्र बढ़ने के साथ-साथ हो जाती है यह बीमारी बुढ़ापे में ज्यादा होती है लेकिन कुछ लोगों को आंख में चोट लगने या फिर किसी और कारण से भी मोतियाबिंद हो सकता है। तो मोतियाबिंद होने पर डॉक्टर हमें सर्जरी की सलाह देते हैं। इस मोतियाबिंद की सर्जरी में आंखों के लेंस को हटाकर एक आर्टिफिशियल लेंस लगाया जाता है।

मोतियाबिंद सर्जरी के लिए लेंस का चुनाव कैसे करें?

तो अब बात आती है मोतियाबिंद सर्जरी के लिए कौन से लेंस का हमें चुनाव करना चाहिए ?

तो अगर आप इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं और आपको समझ में नहीं आ रहा है कि मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए कौन सा लेंस का चुनाव करना चाहिए ?

या किस प्रकार का लेंस आपके लिए उपयुक्त होगा ?

तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आजकल मेडिकल साइंस में बहुत ही तकनीकी क्रांति आ गई है। इसलिए अब आपके सामने इंट्राऑकुलर लेंस और इसके बहुत सारे विकल्प आ गए हैं। तो लैंसेज के बहुत सारे विकल्प हैं, इसमें से आप अपनी जरूरत के मुताबिक लेंस का चुनाव कर सकते हैं। तो लेंस का चुनाव करने के लिए डॉक्टर कशिश  गुप्ता जो कि आंखों के बहुत ही माहिर डॉक्टर हैं वह आपकी हेल्प करेंगे और आपको पूरी डिटेल में बताएंगे कि आपके लिए कौन सा लेंस उपयोग तो होगा वह आपकी आंखों की पूरी जांच करके आपको सलाह देंगे कि कौन सा लेंस आपकी आंखों के मोतियबिंद ऑपरेशन के लिए उपयोगी है ?

अब बात करते हैं कि यह लेंस कितने प्रकार के होते हैं और मोतियबिंद के ऑपरेशन में लगाए जाने वाले लेंस की क्या कीमत क्या होती है ?

मोतियाबिंद लेंस की कीमत क्या / कितनी होती है ?


तो इसके लिए हम बात करेंगे मोतियबिंद ऑपरेशन में यूज़ होने वाली मोतियाबिंद लेंस कीमत की अगर हम बात करें तो यह हमारे अपने अनुभव के आधार पर प्राप्त की गई है, जो कि मार्केट में चल रही है। लेकिन हो सकता है कि जब आप यह आर्टिकल पढ़ रहे हों तो यह ज्यादा या कम भी हो सकती है। मोतियाबिंद लेंस कीमत जो आपको दी जाएगी वो आपके शहर और उपचार की लागत पर आधारित अलग भी हो सकती है। मोतियाबिंद लेंस कीमत एवं उपचार लागत कई बहुत सारे अन्य कारकों के ऊपर भी निर्भर करती है।

तो मोतियाबिंद लेंस कीमत एक्चुअल में अभी इसकी कीमत जानने के लिए आप यहां पर क्लिक करके हमारी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं और लेंस की आज की असली कीमत आप जान सकते हैं।

उसके बाद ही आपको यह डिसाइड करने में आसानी होगी कि आपके लिए कौन सा लेंस उपयोग तो रहेगा। इसके अलावा डॉ कशिश गुप्ता जी द्वारा मोतियाबिंद सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले लेंस जो हैं वे आमतौर पर कुछ इस तरह से मरीज की आँखों का चेक अप निर्धारित किये जाते हैं:-  

देखिए मार्केट में विभिन्न विशेषताओं वाले विभिन्न तरह के उपलब्ध है तो सर्जरी से पहले मरीज किसी किसी अच्छे नेत्र विशेषज्ञ जैसे कि डॉ. कशिश गुप्ता जी से चर्चा करके लैंसेज का प्रकार जान सकते हैं।

देखिए मार्केट में विभिन्न विशेषताओं वाले विभिन्न तरह के उपलब्ध है तो सर्जरी से पहले मरीज किसी किसी अच्छे नेत्र विशेषज्ञ जैसे कि डॉ. कशिश गुप्ता जी से चर्चा करके लैंसेज का प्रकार जान सकते हैं और मरीज की आंखों में लगवा सकते हैं। हालांकि यहां एक बात ध्यान रखनी होती है कि इस सर्जरी के दौरान कौन सा लेंस आपकी जीवनशैली के लिए सबसे अच्छी तरह से काम करता है या मरीज की जीवनशैली के हिसाब से कौन सा लेंस अच्छी तरह काम करेगा।

इसके अलावा कीमत पर भी ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि लैंसेज की कीमत अलग-अलग होती है हालांकि कई आयोएल (IOL ) लेंस लचीले होते हैं जिसे एक छोटे से चीरे से भी लगाया जा सकता है।  इसमें कुछ टांके लगाने की भी जरूरत नहीं होती है। आंखों के माहिर सर्जन (डॉ. कशिश गुप्ता) इस प्रकार के लेंस को मोड़कर (फोल्ड कर के ) उस खाली कैप्सूल में डाल देता है जहां कि आपका प्राकृतिक लेंस लगा हुआ होता है।

इसके अलावा अब संछेप में ये जान लें कि आईओएल लेंस होते क्या है ?

कुछ सस्ते एवं साधारण आईओएल लेंस कठोर प्लास्टिक के होते हैं जिसे बड़े चीरे के माध्यम से लगाया जाता है। इसे बंद करने के लिए टांके की भी आवश्यकता होती है। वहीँ ईओएल लेंस प्लास्टिक, एक्रेलिक , सिलिकॉन से बने होते हैं। इसमें कुछ आईओएल लेंस पराबैंगनी प्रकाश को अवरुद्ध करते हैं, रोक देते हैं।   

तो इस प्रकार हमने जाना कि आईओएल लेंस जो आजकल मार्केट में विभिन्न प्रकार के लेंस उपलब्ध हैं- जैसे कि फोकस मोनोफोकल, अकोमोडेटिंग फोकस मोनोफोकल मल्टीफोकल होता है।

अब बात करते हैं मोतियाबिंद लेंस कीमत की, तो यह लेंस की क्वालिटी और स्थान पर निर्भर करती है। शुरुआती कीमत की बात की जाए तो यह ₹2000 से शुरू हो जाती है। देखिए सरकारी अस्पतालों में मोतियाबिंद लेंस की कीमत कम होती है वहीं अगर आप प्राइवेट अस्पतालों की बात करें तो इसकी कीमत अधिक हो सकती है। इसकी बिल्कुल सटीक कीमत बताना मुश्किल होता है क्योंकि कीमत लोकेशन, अस्पताल और क्वालिटी के आधार पर अलग अलग हो सकती है।

सलाह / एडवाइस-

अंत में यही कहना चाहेंगे कि मोतियाबिंद की समस्या होने पर आप किसी अच्छे डॉक्टर जैसे की डॉ. कशिश गुप्ता जी से संपर्क करें वह आपको मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए आपके लिए अनुकूल एवं अच्छे लेंस के बारे में बताएँगे, जिसे लगाने से आपकी दृष्टि में सुधार होता है। लेकिन यहां एक बात ध्यान रखने योग्य है कि आंखों में किसी भी तरह की परेशानी होने पर आप अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें एवं इसके साथ ही मोतियाबिंद की सर्जरी करवाने के बाद अगर किसी तरह की परेशानी महसूस हो रही है तो आप तुरंत डॉक्टर की सलाह लें ताकि आने वाले समय में होने वाली परेशानी से बचा जा सके। तो आंखों की समस्याओं से बचने के लिए आप आज ही यहाँ संपर्क करें।

Tariq Masoodi is a technical content writer who specializes in strategic communications and digital media. He writes on health, eye care, and mass communication. He is fascinated by web marketing, advocacy blogs, and vlogs on all social media platforms. With over 20 years of expertise, he works with businesses around the world by pitching niche content to a targeted clientele to generate added revenues. He is a former professor of Media Studies and an alumnus of IIT Roorkee, India.